आज भगवान गणेश जी का वार, इस विधि विधान से करें पूजा: via http://www.sanjeevnitoday.com/
'डेस्क। बुधवार को गणेश जी की पूजा का विधान हैं। हिन्दू संस्कृति और पूजा में भगवान श्रीगणेश जी को सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है। प्रत्येक शुभ कार्य में सबसे पहले भगवान गणेश की ही पूजा की जाती अनिवार्य बताई गयी है। देवता भी अपने कार्यों की बिना किसी विघ्न से पूरा करने के लिए गणेश जी की अर्चना सबसे पहले करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि देवगणों ने स्वयं उनकी अग्रपूजा का विधान बनाया है। भगवान श्री गणेश को सभी दुखों का पालनहार माना जाता है। भगवान गणेश स्वयं रिद्धि-सिद्धि के दाता और शुभ-लाभ के प्रदाता है। वे भक्तों की बाधा, सकंट, रोग-दोष तथा दरिद्रता को दूर करते हैं। शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि श्री गणेश जी की विशेष पूजा का दिन बुधवार है। कहा जाता है कि बुधवार को गणेश जी की पूजा और उपाय करने से हर समस्या का निवारण हो जाता है। हनुमान जी की तरह ही गणेश जी का श्रृंगार भी सिंदूर से ही किया जाता है, इससे आपकी समस्त परेशानियां दूर होंगी।
गणेश भगवान की पूजा विधि
इस दिन सुबह उठकर स्नानादि कार्यों से निवृत होकर सर्व प्रथम ताम्र पत्र के श्री गणेश यन्त्र को साफ़ मिट्टी, नमक, निम्बू से अच्छे से साफ़ किया जाए। पूजा स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की और मुख कर के आसान पर विराजमान हो कर सामने श्री गणेश यन्त्र की स्थापना करें।

शुद्ध आसन में बैठकर सभी पूजन सामग्री को एकत्रित कर पुष्प, धूप, दीप, कपूर, रोली, मौली लाल, चंदन, मोदक आदि गणेश भगवान को समर्पित कर, इनकी आरती की जाती है।
अंत में भगवान गणेश जी का स्मरण कर ॐ गं गणपतये नमः का 108 नाम मंत्र का जाप करना चाहिए।

गणेश पूजा के लाभ
रुकावटें होती हैं दूर, सही होते सारे काम
पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन में खुलता है भाग्य
घर में आती है शांतिबढ़ती है आमदनी
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